Love Ka The End

30 बार कुछ कुछ होता है, 29 बार दिल तो पागल है और 20 बार दिलवाले दुलहनिया ले जायेंगे देखने के बाद लड़के को लगा की, उसके अन्दर भी एक शाहरुख़ खान मौजूद है.  जिसके लिए भी कहीं किसी कोने में कोई सिमरन कोई अंजलि बेसब्री से उसका इन्तजार कर रही है।

लड़का घर के पिछवाड़े में रहने वाली लड़की के आगे पीछे करने लगा था । उसे यकीं था की एक दिन इस आगे पीछे करने का रिजल्ट बहुत जल्दी मिलेगा। इसी बीच लड़के ने जिद्दी आशिक नामक फिल्म देखकर ये ठाना की आज कुछ भी हो जाये लड़की को अपने प्यार का लोहा मनवा के रहेगा। लड़की को ये यकीन दिलवा के रहेगा की जिंदगी नामक इस पिक्चर में उसका हीरो वही है। लड़के के अन्दर आये इस आशिकी से लड़की भी अछूती नहीं थी। वो भी शोले की जया भादुरी की तरह बालकनी के बत्तियां बुझाने के बहाने लड़के को देख लेती पर कुछ कह नहीं पाती। पर लड़का दिन रात लड़की के ही इर्द गिर्द मंडराता। और लड़की को पूरी तरह से अपने प्यार का इजहार करने के लिए बहाने ढूंढता। जाड़े की एक रात लड़के ने फैसला लिया की वो तब तक लड़की के घर के पास खड़ा रहेगा जब तक लड़की खुद आकर उस से आई लभ यु नहीं नहीं कहेगी। जब एक किसान पूस की रात में जागकर अपने खेत की रखवाली कर सकता है और प्रेमचन्द को पूस की रात जैसी कालजयी कहानी लिखने के लिए प्रेरित कर सकता है तो वो फिर क्यों नहीं अपनी माशूका के लिये रात भर उसका इंतजार कर सकता है। लड़के ने बस एक स्वेटर और लड़की के घर से आती रौशनी के सहारे पूरी रात गुजार दी पर लड़की नहीं आई। सुबह के 8 बजे लड़की बाहर आई और लड़के को देख के मुस्कुरायी। लड़के ने राँझना फिल्म के धनुष की तरह इशारे में बताने की कोशिश की, की वो रात भर उसके लिए घर के बाहर इन्तजार करता रहा। पर लड़की शायद समझ नहीं पायी। फिर भी उसने एक कागज़ का टूकड़ा लड़के की तरफ उछाल दिया। लड़का इस कागज़ के टुकड़े को अपने तपस्या का फल समझकर खूशी से पागल हो गया पर उसकी ख़ुशी सिर्फ उतने देर तक रही जबतक उसने कागज़ के टुकड़े में लिखे सन्देश को नहीं पढ़ा था। मैसेज पढ़ते ही उसका चेहरा सफ़ेद पड़ गया।
उसकी हालत फिल्म के साइड हीरो सी हो गयी थी जो हीरोइन से चाहे कितना भी प्यार कर ले हेरोइन हमेशा मेन हीरो से ही पटती है वो भी साइड हीरो की मदद से। लड़के के साथ भी ऐसा हुआ। यहाँ वो अपनी ही बनाइ पिक्चर में साइड हीरो बन गया और उसका भाई जिसका अभी तक पिक्चर में कोई सीन ही नहीं था एकाएक मुख्य भूमिका में नजर आया। लड़की को लड़के के भाई से प्यार था। उसने लड़के से उस कागज़ के टुकड़े में इतना कहा था की वो उसके भाई से प्यार करती है और वो चाहती है की लड़का इस बात को अपने भाई को बताये।

लड़का जो अबतक अपने आप को शाहरुख़ खान समझता था एकाएक उसको अपना वजूद तुषार कपूर आफ़ताब शिवदसानी अर्शद वारसी और उदय चोपड़ा जैसा लगने लगा। लड़का रोना चाहता था पर रो ना सका। लड़के की छोटी सी लव स्टोरी का दुखद अंत हो गया था। लड़के ने सोचा था की इस लव स्टोरी में जो भी विलन बनेंगे वो उन सब को हराकर लड़की को अपना बनाएगा, अगर वो किसी अंजलि के लिए राहुल बन सकता है तो वो G.One जैसा सुपर हीरो भी बन सकता है। पर यहाँ तो कहानी ही उलटी हो गयी। लड़के हारे कदमो से घर की तरफ बढ़ रहा था। उसकी लव स्टोरी की फिल्म का आखिरी शॉट पूरा हो चुका था और उसके डायरेक्टरनुमा दिल ने भी कह दिया था Packup………..

लड़के ने इस घटना के बाद से अपने रूम में शहरुख खान के जितने भी पोस्टर थे फाड़ डाले। उसके लैपटॉप में शाहरुख़ खान के जितने भी फिल्म थे डिलीट कर डाले।

लड़का आजकल इमरान हासमी की फिलमे देखता है।

Leave a Reply

Discover more from अरहान Arahaan

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading