शेखर बाबु हीरो हैं. हीरो नहीं तो हीरो से कम भी नहीं हैं शेखर बाबू. अपने आप में एक शक्शियत हैं शेखर बाबू. मोहल्ले के सबसे लोकप्रिय लौंडे (लड़के) हैं ये. आये दिन इन्ही के चर्चो के साथ लोग शाम की चाय अपने  गले में उतारते हैं. किसी का सिलिंडर ख़त्म, शेखर बाबू है ना, अपने बजाज पल्सर पर लादकर झट से पहुँचाने वाले. किसी का बिजली गुल, शेखर बाबू बिजली मिस्त्री  किसी का कंप्यूटर लैपटॉप खराब, शेखर बाबू, सॉफ्टवेर इंजिनियर. हर फन में माहिर है शेखर बाबू. मोहल्ले के एकलौते ऐसे लौंडे हैं जो फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकते हैं, और ये जितने गुणी हैं उतने ही दयालु भी हैं. शेखर बाबू कभी किसी को ना नहीं कहते, चाहे अपना काम ना करें पर दुसरो को कभी ना नहीं कहते. बस यही कारण है की  शेखर बाबू सबके चहेते हैं. करने को तो शेखर बाबू बहुत कुछ करते हैं पर ये पूछे जाने पर की आप क्या करते हैं शेखर बाबू का जवाब होता है, स्टूडेंट है, बाबा आमटे महाविद्यालय से दर्शनशास्त्र में स्नातक कर रहे हैं. शेखर बाबू  

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