बस बचा खुचा हमारे पास एक
आसमान है
जिसको रोज रात देखकर ये तसल्ली कर लेते हैं की
वो वहीँ आसमान है जो तुम्हारे ऊपर है
मुट्ठियों में भर लेते है हर रात
तुम्हारे शहर से आने वाली हवा
वो हवा, जो उतरने से मना कर देती है मेरे फेफड़ों में
तुम्हारी तरह ये कहते हुए की
“मुझे सिगरेट की गंध से नफरत है”
कुछ बासी उखड़ी बेढब सी कवितायेँ हैं
जिनमे तुमको तुमसे चुराकर रक्खा है हमने
शाम किसी छत पर बैठकर खुदको सुनाने के लिए
आसमान है
जिसको रोज रात देखकर ये तसल्ली कर लेते हैं की
वो वहीँ आसमान है जो तुम्हारे ऊपर है
मुट्ठियों में भर लेते है हर रात
तुम्हारे शहर से आने वाली हवा
वो हवा, जो उतरने से मना कर देती है मेरे फेफड़ों में
तुम्हारी तरह ये कहते हुए की
“मुझे सिगरेट की गंध से नफरत है”
कुछ बासी उखड़ी बेढब सी कवितायेँ हैं
जिनमे तुमको तुमसे चुराकर रक्खा है हमने
शाम किसी छत पर बैठकर खुदको सुनाने के लिए
अलमारियों के बीच, कहीं किसी कोने में
जिन्दा है एक ओल्ड मोंक की बोतल
जिसको तय करना है मेरे हलक से एक रास्ता
आंसू बन ने के लिए
हथेलियों में बाकी है
अभी मेरे किस्मत की बागी केंचुलियाँ
जिनके टुकड़े ढूँढ ढूंढ कर शायद तुम्हारी किस्मत
मिल जाये मुझसे
बस बचा खुचा इतना ही हैं मेरे पास
और हाँ तुम्हारी दी हुई एक डायरी भी
जिसमे दर्ज है मेरी बर्बादी का अफसाना
अराहान
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