एक पेन होल्डर की स्मृति में क्या-क्या हो सकता है? पेन के निशान, स्याही के दाग, धूल के महीन सुनहरे कण, अँगुलियों का स्पर्श? कायदे से एक पेन होल्डर की स्मृति में बस इतनी ही चीजें होनी चाहिए. इस से ज्यादा स्मृतियाँ पेन होल्डर को इंसान बना सकती हैं. शायद यही वजह है की पेन होल्डर की स्मृति में इतनी कम चीज़ें होती हैं. होनी भी चाहिए, वरना रात दस बजे मेट्रो के भीड़ भरे कोच में लोग एक नशे में धुत पेन होल्डर को यात्रा करते हुए देख डर सकते हैं. शायद पुलिस में खबर कर सकते हैं.
अत्यधिक स्मृतियों तथा अत्यधिक नशे की वजह से पेन होल्डर को रात, मेज की जगह हवालात में बितानी पड़ सकती है. हवालात से वापिस मेज पर आने के बाद हो सकता है कि पेन होल्डर कमरे से चीजें चुराना शुरू कर दे. पहले किताबें, लैपटॉप, बिस्तर, मॉनिटर और फिर एक दिन लेखक.
लेखक अपनी कुर्सी पर बैठकर अपनी दूसरी किताब लिख सके इसलिए पेन होल्डर की स्मृति में ज्यादा चीजें नहीं होनी चाहिए.

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