टैग: कवित्त
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उम्मीद
बहुत दूर, गहराई में उतर के देखो एक ख्वाबगाह है जहां उम्मीदों के Ghetto में ज़िंदा है मेरी मोहब्बत Below Poverty Line के नीचे अपनी खुरदुरी उँगलियों से Forbes मैगजीन के पन्ने पलटते तुम्हारे जिंदगी की कंपनी में सबसे बड़ा शेयरहोल्डर बन ने के सपने देखते हुए अराहान
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क्षणिकाएं-2
(एक)जेहन में फरमेंट करने लगी है अब तुम्हारी यादे कच्ची शराब के नशे से मारा जाने वाला हूँ मैं (दो).यूँ जब से बढ़ा है तुम्हारे आँखों में रहने का किराया ख्वाबों को सुसाइड नोट लिखते हुए देखा है हमने(तीन)लोग पूछते हैं की किस बात का है ग़म जो इतना तड़पता है तू ये सवाल उसने पूछा होता तो फिर…