कल्पना कीजिये कि आप एक समानान्तर विश्व में हैं। इस विश्व में सभी चीजें वैसी ही हैं जैसे आपके वर्तमान विश्व में है। रविवार का दिन है। आप बाज़ार गए थे और वहां से 1 किलो चिकन खरीदा था। आपने चिकन धोया। इसको ऐसे समझकर देखिये कि आपने किसी एक जीव की लाश को खाने के विचार से साफ किया। मानवों में जब किसी कि भी मृत्यु होती है तो अंत्येष्टि से पहले मृत शरीर को नहलाया जाता है, साफ किया जाता है। खैर, हम बात मुर्गे की कर रहे हैं। आपने चिकन बना लिया।
आप चिकन अब अपने प्लेट में सर्व कर रहे हैं। शुरुआत में मैनें एक बात कही है की आप समानान्तर ब्रह्मांड यानी पैरेलल यूनिवर्स में हैं। इसका मतलब की यह दुनिया आपके वर्तमान वाली दुनिया जैसी होने की बावजूद भी अलग है। इस दुनिया में अलग यह है कि आप जितने भी जानवर को मारने के बाद भोजन के रूप में इस्तेमाल करते हैं तब आपके स्मार्टफोन पर एक मैसेज आता है “नमस्कार, आज आप जो चिकन, मटन, बीफ या जो भी मीट खा रहे हैं वो मांस इस दुनिया के एक इंसान आरमिल रयन का है। चूंकि आपकी मांस खाने की इच्छा थी इसलिए हमें आरमिल रयन को मारना पड़ा और उन्हें तुरंत मुर्गे के रूप में इस दुनिया मे वापिस भेजना पड़ा। चौंकिए नहीं, आपको पता है कि आप समानांतर विश्व मे है। यहां असंभव बाते भी संभव है।”
आपने मैसेज पढ़ा और नजरअंदाज कर दिया क्योंकि रोजाना आप जब भी नॉन वेज खाते हैं तो आपको यह मैसेज आता है। यह मैसेज वैसा ही है जैसा आप किसी को पैसे ट्रांसफर करते है तो आपके मोबाइल पर आता है। यह संदेश इस विश्व के लिए नार्मल है। आपके लिए भी नार्मल है। आप चिकन खाना शुरू कर देते हैं। आपको फर्क नहीं पड़ता किसी आरमिल रयन के मरने से। या उसका मांस खाने से।
एकदिन आप जब ऐसे है मटन कहा रहे होते है तो आपको संदेश आता है “नमस्कार, आज आप जो चिकन, मटन, बीफ या जो भी मीट खा रहे हैं वो मांस इस दुनिया के एक इंसान रामइकबाल गोस्वामी का है। चूंकि आपकी मांस खाने की इच्छा थी इसलिए हमें रामइकबाल गोस्वामी को मारना पड़ा और उन्हें तुरंत बकरे के रूप में इस दुनिया मे वापिस भेजना पड़ा। चौंकिए नहीं, आपको पता है कि आप समानांतर विश्व मे है। यहां असंभव बाते भी संभव है।”
आप इस संदेश को पढ़कर चौंकते हैं क्योंकि आपका उपनाम भी गोस्वामी है। और आपने जिस व्यक्ति का नाम आपने अभी पढ़ा वो आपका कोई सगा है। आप अपने सामने पड़े प्लेट को फेंक देते हैं और दहाड़े मारकर रोने लगते हैं।
अब ये सब छोड़िए। आप अभी अपने सामान्य विश्व मे है। यही विश्व जहां कोरोना फैला हुआ है, मजदूर पटरियों में कट के मर रहे हैं, पलायन हो रहा, लोग पैदल घर को जा रहे हैं। फेसबुक पर लोग तरह तरह के पकवानों की तस्वीरे डाल रहें है। देश की अर्थव्यवस्था शराब के माध्यम से दुरुस्त की जा रही है। नीतीश कुमार को सपने में शराबी फ़िल्म का अमिताभ बच्चन नज़र आ रहा। अमिताभ बच्चन जो कि कलतक गंभीर नजर आते थे, ज्ञानी लगते थे आजकल मंदबुद्धि इसलिए नज़र आ रहे क्योंकि वो अब व्हाट्सऐप फारवर्ड अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स पर पोस्ट करते हैं। हां यह वही दुनिया है जहां लड़कों को कभी भी काली, मोटी, लड़कियों से पहली नज़र वाला प्यार नही होता। और भी कई उदाहरण देकर यह बताया जा सकता है कि आप अभी सामान्य विश्व मे हैं। ज्यादा उदाहरण दूंगा तो पोस्ट लंबा हो जाएगा और पोस्ट लंबा हो जाएगा तो कोई नीचे कम्मेंट में लिखेगा की “ओह इतना लंबा पोस्ट, मैं तो पढ़ ही नही पाया।”। समझदार लॉगो की अच्छी बात यह होती है कि वो कम मेहनत में भी चीजें समझ लेते हैं। उनको पता होता है कि जब भी वो किसी हॉलीवुड फिल्म में लड़का लड़की को अकेले एक कमरे में देखते हैं तो वो तुरन्त सबसे पहके लैपटोप का साउंड कम कर देते हैं। उनको तजुर्बा होता है कि आगे क्या होने वाला है।
ठीक है अब आप इस सामान्य विश्व मे हैं। आप चिकन खा रहे हैं। पर चूंकि आप सामान्य विश्व मे हैं तो चिकन खाने पर आपके मोबाइल में कोई मैसेज नहीं आता है। लेकिन आपके दरवाजे पर एक दस्तक होती है। आप दरवाजा खोलते हैं। और आप देखते हैं कि मानव आकार का एक मुर्गा आपके दरवाजे पर खड़ा है और उसके पीछे आपकी प्रेमिका भी खड़ी है। वो मुर्गा कह रहा है कि आपने उसकी प्रेमिका की हत्या नहीं कि लेकिन आप उसकी प्रेमिका की लाश को खा रहे हैं। अब वो भी आपकी प्रेमिका की हत्या नहीं करेगा लेकिन उसका साथी रेमंड बकरा आपकी प्रेमिका को मारेगा और वो आपकी प्रेमिका की लाश को खायेगा।
आप यह देखकर बेहोश हो जाना चाहते हैं। क्योंकि आपकी दुनिया मे ऐसा ही होता है। बहुत ज्यादा सच सुनने से लोग बेहोश हो जाते हैं। आप भी बेहोश हो जाते हैं। आपको बेहोशी में एक सपना नज़र आता है कि आप मरने के बाद एक मुर्गे के अवतार में जन्म लेते हैं और आप अपनी पूर्व प्रेमिका के पति द्वारा खा लिए जाते हैं।
प्रश्न ये है कि अगर आपके सामने एक इंसान का गला रेता जाए और एक मुर्गे का गला रेता जाए तो आपको तकलीफ किसके रेते जाने की ज्यादा होगी? मुर्गे के लिए या इंसान के लिए? और क्यों।
और हां जो दो अजीब से नाम दिए गए हैं वो इसलिए दिए गए हैं ताकि कोई रिलेट न कर सके। रामइकबाल गोस्वामी नाम के बहुत कम या न के बराबर लोग होंगे या फिर आरमिल रयन नाम का तो कोई इंसान भी नहीं होगा इस दुनिया में।
अखबार में जब भी कोई बलात्कार जैसी घिनौने अपराध की खबर छपती है तो पीड़िता का नाम बदल कर कुछ और रख दिया जाता है।ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि गोपनीयता बरती जाए। लोग उस नाम को अपने किसी जानने वाले नाम से जोड़कर दुखी न हो। किसी की बहन का नाम ज्योति हो तो वो कम दुखी हो।

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