टैग: अरहान
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White Flowers: A Story By Arahaan

The rain falls like tears from a sky that has forgotten how to stop crying.Each drop carries within it the weight of unfinished stories, of lives that ended before their sentences were complete. I sit at my desk, a cup of coffee growing cold beside me, Murakami’s book lying open to a page I have…
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Story In Hindi – Sunsan Jaghen | हिंदी कहानी- सुनसान जगहें

Story In Hindi: दुनिया में बहुत सी ऐसी जगहें हैं जहाँ कोई आता जाता नहीं है या फिर बहुत कम लोग आते-जाते हैं। ये जगहें पूरे पृथ्वी से लेकर आपके घर तक होंगी। जैसे गाँव का वो कोना जहाँ लोग इसलिए नहीं जाते क्योंकि वो भुतहा माना जाता है। घर मे भी एक स्टोर रूम…
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चोरी

कुछ ही देर में उसके सामने साड़ियों का ढेर लग गया। एकदम सुंदर सुंदर साड़ियां। उसे यकायक उस दिन की याद आ गयी जब वो पहली बार अपनी बीवी के लिए साड़ियां लेने आया था और एक कि बजाय दुकान से 10 साड़ियां खरीदी थी।
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हथकड़ी

ये सब एक थॉट, एक सोच से शुरू होता है. दुनिया में तमाम तरह कि कहानियां घट रहीं होती है. कहानियों का काम घटना है. कहानियां नहीं घटेंगी तो इतिहास कहाँ से शुरू होगा. और अगर इतिहास शुरू नही हुआ तो वर्तमान का क्या होगा और वर्तमान ना रहा तो फिर भविष्य कैसे बनेगा. इसलिए…
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उपन्यास: आँखों में मछलियाँ क्यूँ नहीं तैरती

“कहानियों में किसी को गला घोंटकर एक बार में मार देना और किसी को हकीकत में हर पल हर क्षण मुर्दा बनाते रहना. इन दोनों में से कौन ज्यादा भयानक है? अगर तुम्हे उत्तर पता है तो समझ जाओ कि क्या वजह है कि मैं कहानियों में लड़कियों को क्यूँ मार डालता हूँ. कहानियों में…
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मछली

“हम सब पानी में गुम हैं?”“नहीं, पानी हम सब में गुम है।”“हम दोनों मछली हैं क्या”?“हां”।“पानी तो हममें गुम है! हमें हम में जाना होगा क्या या मर जाना होगा क्या?”“अब हम मछली से मेढ़क हो गए। हम नहीं मरेंगे”। “तिकोने आसमान से तुमने क्या मांगा?”“समोसे। टेढ़े आसमान से तुमने क्या मांगा?“जलेबी।”“तुम अचानक से बचपन…
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‘उसे’

5 जुलाई 2020 को सुबह-सुबह जो मैंने पहला शब्द लिखा था वो ‘उसे’ था. ‘उसे’, यह शब्द लिखने के बाद मैनें आगे कम से कम हज़ार शब्द और लिखें. ‘उसे’ शब्द से शुरू हुई मेरे लिखने की यात्रा में मैंने सुदूर के कई आकाशगंगाओं में झाँक कर देखा. किसी हाईवे के किनारे बने एक ढाबे…
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“रोहित अग्रवाल (12C), निहारिका कक्कर (11A) की लेता है”

“रोहित अग्रवाल (12C), निहारिका कक्कर (11A) की लेता है”स्कूल के टॉयलेट के दीवारों पर परमानेंट मार्कर की सहायता से बेरहमी से उकेरे गए ये शब्द मेरे जीवन के सबसे घिनौने, डरावने और खतरनाक शब्दों में से एक थे. उस दिन मैं क्लास में बहुत शांत रहा. रोज की तरह आज मैंने अकाउंट्स के टीचर की…
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घर वापसी

वो गली जिसे भुतहा समझकर लोगो ने अनदेखा कर दिया है कभी उस गली में जाना, वहाँ 11वी क्लास एक लड़का जस का तस बैठा मिलेगा क्लास की पिछली बेंच पर एक लड़की को टुकुर टुकुर ताकते हुए, मुट्ठियों में कागज़ के टुकड़े को भींचे हुए। उस लड़की की शकल तुमसे कितनी मिलती है ये…
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खामोशियाँ

प्रेम किसी भाषा किसी शब्द का मोहताज नहीं होता।खामोशियाँ भी कभी कभी इतना कुछ कह जाती है जो शायद जुबान से बोलकर भी नहीं कही जा सकती। कुछ ऐसी हीं कहानी उनदोनो की भी थी।उन दोनों को भली भाँती पता था की उनके दिल में क्या है पर एक अनजाने से डर के कारण वे…