टैग: अति यथार्थवाद
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मछली

“हम सब पानी में गुम हैं?”“नहीं, पानी हम सब में गुम है।”“हम दोनों मछली हैं क्या”?“हां”।“पानी तो हममें गुम है! हमें हम में जाना होगा क्या या मर जाना होगा क्या?”“अब हम मछली से मेढ़क हो गए। हम नहीं मरेंगे”। “तिकोने आसमान से तुमने क्या मांगा?”“समोसे। टेढ़े आसमान से तुमने क्या मांगा?“जलेबी।”“तुम अचानक से बचपन…