टैग: कविता
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दोषी
मैंने तुम्हे भुला दिया हैनिकल फेंका है तुमकोअपनी ज़िन्दगी के हर कोने सेअप तुम्हारी खबर नहीं होती है सुर्ख़ियों परमेरी ज़िन्दगी के अख़बार मेंपर ना जाने क्यूँ कब और कैसेतुम्हारी यादेंडेरा जमालेती है मेरे सिराहने मेंना जाने कब दोस्ती का लेती हैं मेरे सपनों सेऔर ना जाने कब आँखों के सामनेउतर आता है तुम्हारा हसीं चेहरासमझ…
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तुम मत रोना
तुम मत रोनामेरे मरने परमैं मरने के बादनहीं देख पाउँगा तुम्हेपर हाँ जबतक मैं ज़िंदा हूँतब तक होती रहना परेशानमेरी नामौजूदगी परमेरी गुमशुदगी परमैं तुम्हे खुदको ढूंढते हुए देखूंगातो मुझे अच्छा लगेगा अराहान
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सच
मैं झूठ नहीं बोलूँगाकी तुम मेरी पहली प्रेमिका होपहली बार मैंने किसी से प्यार कियाया फिर मैं ये भी नहीं बोलूँगाकी मैं तुम्हारे लिए चाँद तोड़ सकता हूँसमंदर से मोती ला सकता हूँइन्द्रधनुस से रंग चुरा सकता हूँना ही मैं तुम्हारे लिए कवितायेँ लिख सकता हूँना ही तुम्हारी खूबसूरती पर कसीदे पढ़ सकता हूँबस मैं…
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पुरानी कविता
कल मैंने बेच दी अपनी एक पुरानी कविताजिसमे तुम थीतुम्हारी हंसी थीतुम्हारी पायलतुम्हारे झुमकेतुम्हारे नखरे थेतुम्हारी सीधी साधीटेढ़ी मेढ़ी बातें थीतुम्हारा रूठना थातुम्हारा मनाना थातुम्हारी कहानी थीतुम्हारा अफसाना थाबेच दिया मैं कल ही इस कविता कोघर की और रद्दी चीजों के साथऔर इस तरह मैंने सदा के लिए निकल फेंका तुम्हेअपनी यादों से अराहान
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जलपरी
वो आसमान में उड़ने वाली परी थीउसे मुझसे प्यार हुआवो मेरी ज़िन्दगी में आ गयीकुर्बान कर दिए उसने अपने पंख मेरे खातिरछोड़ दिया उसने आसमान के बारे में सोचनाबस गयी मेरे संग जमीन परपर हर परियों की कहानी की तरहवो हमेशा के लिए खुश ना रह पाईएक दिन उसे जुदा होना पडा मुझसेउसे भटकना पडा मेरी…
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एश ट्रे
मेरे ख्वाबमेरे सपनेमेरी दुनियाउसकी यादेंउसकी बातेंअब सबकुछ यहीं रहा करती हैइस एश ट्रे मेंसुलगती हुयीसिगरेट के जले बुझे टुकड़ों के साथ अराहान
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थोड़ी सी जगह दे दो अपनी बाहों में
थोड़ी सी जगह दे दो अपनी बाहों मेंलिपट कर तुमसे रोना है मुझे पा लिया है सबकुछ तुम्हे पाकरअब अपना सब कुछ तुम पर खोना है मुझे टूट गए थे जो सपने तुमसे जुदा होकरतुम्हारे आँखों से उन सपनों को अब संजोना है मुझे रो लेने दो मुझे तुमसे लिपट करआंसुओं से अपने जख्मों को…
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ना फिर इधर उधर जवाब की तलाश में
ना फिर इधर उधर जवाब की तलाश मेंकभी खुद से भी कुछ सवाल कर जररी नहीं हर चीज को दिमाग से तौलनाकभी कभी अपने दिल का भी इस्तेमाल कर चीख चीख कर करता है चैन-ओ-सुकून की बातेपहले अपने दिल में अमन बहाल कर चल कर ले अपना सीना छलनी सच्चाई के तीरों सेऔर झूठ के महलों…
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अच्छा लगेगा
अपने अश्कों में तुमने छिपा रखा है अपना दर्दकभी रो भी लो अच्छा लगेगा तुम वक़्त के हाशिये पर लिखते हो अपनी कहानीकभी वक़्त के साथ चलकर देखो अच्छा लगेगा तुम पूछा करते हो उनसे अपने बारे मेंकभी खुद से करो सवाल, अच्छा लगेगा कितना खोया है तुमने पाने की कोशिश मेंएक दफा बिछड़ों से गले…
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कुचक्र
किसी बीते हुए काल मेंमैं ढूंढ रहा हूँ अपना भविष्यपिरामिडों में तलाश रहा हूँसुनहरे पलों की ममियांपीले पत्तों से पूछ रहा हूँबहारों का बसेरामैं समय के एक कुचक्र में बैठा हूँऔर सामने गोल गोल घूम रहा हैसोने का पिंजड़ा अराहान