टैग: प्रेम
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चोरी

कुछ ही देर में उसके सामने साड़ियों का ढेर लग गया। एकदम सुंदर सुंदर साड़ियां। उसे यकायक उस दिन की याद आ गयी जब वो पहली बार अपनी बीवी के लिए साड़ियां लेने आया था और एक कि बजाय दुकान से 10 साड़ियां खरीदी थी।
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खामोशियाँ

प्रेम किसी भाषा किसी शब्द का मोहताज नहीं होता।खामोशियाँ भी कभी कभी इतना कुछ कह जाती है जो शायद जुबान से बोलकर भी नहीं कही जा सकती। कुछ ऐसी हीं कहानी उनदोनो की भी थी।उन दोनों को भली भाँती पता था की उनके दिल में क्या है पर एक अनजाने से डर के कारण वे…