टैग: कथा
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“रोहित अग्रवाल (12C), निहारिका कक्कर (11A) की लेता है”

“रोहित अग्रवाल (12C), निहारिका कक्कर (11A) की लेता है”स्कूल के टॉयलेट के दीवारों पर परमानेंट मार्कर की सहायता से बेरहमी से उकेरे गए ये शब्द मेरे जीवन के सबसे घिनौने, डरावने और खतरनाक शब्दों में से एक थे. उस दिन मैं क्लास में बहुत शांत रहा. रोज की तरह आज मैंने अकाउंट्स के टीचर की…
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घर वापसी

वो गली जिसे भुतहा समझकर लोगो ने अनदेखा कर दिया है कभी उस गली में जाना, वहाँ 11वी क्लास एक लड़का जस का तस बैठा मिलेगा क्लास की पिछली बेंच पर एक लड़की को टुकुर टुकुर ताकते हुए, मुट्ठियों में कागज़ के टुकड़े को भींचे हुए। उस लड़की की शकल तुमसे कितनी मिलती है ये…
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खामोशियाँ

प्रेम किसी भाषा किसी शब्द का मोहताज नहीं होता।खामोशियाँ भी कभी कभी इतना कुछ कह जाती है जो शायद जुबान से बोलकर भी नहीं कही जा सकती। कुछ ऐसी हीं कहानी उनदोनो की भी थी।उन दोनों को भली भाँती पता था की उनके दिल में क्या है पर एक अनजाने से डर के कारण वे…
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टर्किश विलेज

हम दोनों में प्रेम एकाएक इसलिए पनप गया था क्यूंकि हम दोनों की आदतें एकदूसरे से मिलती थी। हम दोनों ही कहानियां लिखते थे। एक ही राइटर के फैन थे। बाकी लोगों की तरह हम सिनेमा हॉल के कोने वाली सीट पर बैठकर कोई मसाला बॉलीवुड फिल्म नही देखना पसंद करते थे। हम दोनों घंटो…
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च्युइंगगम

च्युइंग ग्मस के बारे में सर्च करने पर हमें गूगल पर कई सारी जानकरियाँ कई सारे क्वोत्स मिल सकते हैं। चूइंग ग़म के व्यापारिक और वैज्ञानिक पहलुओं को अनदेखा करते हुए इसे अगर साहित्यिक विचारधारा से जोड़ कर देखने पर हम इसके बारे में सबसे प्रचलित बात ये कह सकते हैं की बीवियाँ/प्रेमिकाएँ चूइंग ग़म…
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पापी गुड़िया: क्लीशे हॉरर मूवी प्लाट

एक फ़िल्म क्रिटिक एक बार एक मशहूर हॉरर फिल्म निर्देशक और लेखक के पास इंटरव्यू लेने गए। फ़िल्म क्रिटिक सिनेमा का बहुत बड़ा ज्ञाता और उसका दावा था कि उसने अब तक दुनिया के सभी भाषाओं और देशों की कई सारी फिल्में देखी है। वो इस निर्देशक की उन फिल्मों से बहुत ही खफा था…
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ऊंचाई

खो जाने वाले लोगों का यात्रा संस्मरण। मुझे याद है एक बार मैं अपने एक सपने में एक बाज से कह रहा था कि“मुझे ऊंचाइयों से डर लगता है। एक बार मैं जब बहुत छोटा था तो अपने दोस्तों के बीच हीरो बनने के चक्कर में एक रेडियो टावर पर चढ़ गया था। रेडियो टॉवर…