टैग: आत्मकथ्य
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चोरी

कुछ ही देर में उसके सामने साड़ियों का ढेर लग गया। एकदम सुंदर सुंदर साड़ियां। उसे यकायक उस दिन की याद आ गयी जब वो पहली बार अपनी बीवी के लिए साड़ियां लेने आया था और एक कि बजाय दुकान से 10 साड़ियां खरीदी थी।
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ऊंचाई

खो जाने वाले लोगों का यात्रा संस्मरण। मुझे याद है एक बार मैं अपने एक सपने में एक बाज से कह रहा था कि“मुझे ऊंचाइयों से डर लगता है। एक बार मैं जब बहुत छोटा था तो अपने दोस्तों के बीच हीरो बनने के चक्कर में एक रेडियो टावर पर चढ़ गया था। रेडियो टॉवर…
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नेगासी

हम लोग गुमशुदा कैसे और क्यूँ हो जाते हैं। क्या उस लड़की को इस बात का फ़र्क़ पड़ रहा होगा की मैं शायद मर रहा हूँ। लड़कियों को क्या किसी बात का फ़र्क़ पड़ता है क्या? क्या उन्हें सच में फ़र्क़ पड़ना चाहिए? मैं अपने सपनों में हमेशा कफ़न ही क्यूँ बनता हूँ? सपनों में…