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Hell

The protagonist stood on the platform of the deserted subway station, staring blankly at the tracks that stretched out into the darkness. He had been waiting for hours, but no trains seemed to be coming. As the minutes ticked by, the protagonist began to feel a sense of unease. The station was eerily quiet, the…
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Story In Hindi – Sunsan Jaghen | हिंदी कहानी- सुनसान जगहें

Story In Hindi: दुनिया में बहुत सी ऐसी जगहें हैं जहाँ कोई आता जाता नहीं है या फिर बहुत कम लोग आते-जाते हैं। ये जगहें पूरे पृथ्वी से लेकर आपके घर तक होंगी। जैसे गाँव का वो कोना जहाँ लोग इसलिए नहीं जाते क्योंकि वो भुतहा माना जाता है। घर मे भी एक स्टोर रूम…
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Short Story In Hindi – Ankhen | लघु कथा – आँखें

Short Story In Hindi: हम बहुत कुछ पहली बार देखते हैं। जब मैंने पहली बार पानी देखा था तब मुझे आश्चर्य हुआ था। मैंने पानी के स्वाद को सोचकर यह कल्पना को थी कि पानी का रंग ग्रे होगा। लेकिन मैंने पाया कि पानी का रंग तो पारदर्शी होता है। ऐसे ही मुझे लगता कि…
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Hindi Story: चोरी | हिन्दी कहानी: चोरी

कुछ ही देर में उसके सामने साड़ियों का ढेर लग गया। एकदम सुंदर सुंदर साड़ियां। उसे यकायक उस दिन की याद आ गयी जब वो पहली बार अपनी बीवी के लिए साड़ियां लेने आया था और एक कि बजाय दुकान से 10 साड़ियां खरीदी थी।
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हथकड़ी

ये सब एक थॉट, एक सोच से शुरू होता है. दुनिया में तमाम तरह कि कहानियां घट रहीं होती है. कहानियों का काम घटना है. कहानियां नहीं घटेंगी तो इतिहास कहाँ से शुरू होगा. और अगर इतिहास शुरू नही हुआ तो वर्तमान का क्या होगा और वर्तमान ना रहा तो फिर भविष्य कैसे बनेगा. इसलिए…
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उपन्यास: आँखों में मछलियाँ क्यूँ नहीं तैरती

“कहानियों में किसी को गला घोंटकर एक बार में मार देना और किसी को हकीकत में हर पल हर क्षण मुर्दा बनाते रहना. इन दोनों में से कौन ज्यादा भयानक है? अगर तुम्हे उत्तर पता है तो समझ जाओ कि क्या वजह है कि मैं कहानियों में लड़कियों को क्यूँ मार डालता हूँ. कहानियों में…
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मछली

“हम सब पानी में गुम हैं?”“नहीं, पानी हम सब में गुम है।”“हम दोनों मछली हैं क्या”?“हां”।“पानी तो हममें गुम है! हमें हम में जाना होगा क्या या मर जाना होगा क्या?”“अब हम मछली से मेढ़क हो गए। हम नहीं मरेंगे”। “तिकोने आसमान से तुमने क्या मांगा?”“समोसे। टेढ़े आसमान से तुमने क्या मांगा?“जलेबी।”“तुम अचानक से बचपन…
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‘उसे’

5 जुलाई 2020 को सुबह-सुबह जो मैंने पहला शब्द लिखा था वो ‘उसे’ था. ‘उसे’, यह शब्द लिखने के बाद मैनें आगे कम से कम हज़ार शब्द और लिखें. ‘उसे’ शब्द से शुरू हुई मेरे लिखने की यात्रा में मैंने सुदूर के कई आकाशगंगाओं में झाँक कर देखा. किसी हाईवे के किनारे बने एक ढाबे…
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मास्टरपीस

मास्टरपीस मैं चित्रकार नहीं हूँ. तुम्हारा चित्र नहीं बना सकता. उस समय भी नहीं जब तुमने पहली बार मेरे सामने कुर्सी पर आँखें मूंदकर शान्ति से अपने गीले बालों को सुखा रही थी. ऐसा लग रहा था कि जैसे दुनिया की सबसे खूबसूरत कविता को लिखने वाली स्याही की बूदें जुगनुओं की तरह दुनिया के…
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उल्टे काग़ज़ की उल्टियाँ
कभी-कभी मुझे लगता है कि मुझे लिखना छोड़ देना चाहिए और ख़ुद को एक हारा हुआ इंसान मानकर मुझे बस अपने सरवाइवल के लिए लड़ना चाहिए। मुझे इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि मैं कितना कमा रहा हूँ। पहले मैं ऐसा नहीं सोचता था, और मेरे ख़याल से शायद कभी किसी को ऐसे सोचना…